Sunday, July 26, 2009

सहज जीवन क्यों नहीं है ?

सहज जीवन क्यों नहीं है ?
क्यों लगे है रोज मरना
घुट-घुटन सा रोज जीना
बात बीती फ़िर भी अक्सर
सहज जीवन क्यों नहीं है ?
एक नई सी भोर ताके
है गगन अब शून्य आख़िर
दिवस का अवसान क्यों फ़िर
सहज जीवन क्यों नहीं है ?
दृष्टी बाधित ,तप है निष्फल
द्रोपदी है, फ़िर हुई बिह्वल
सत्य की जय रहे हरदम
फ़िर सहज जीवन क्यों नहीं है ?

19 comments:

  1. सुंदर अभिव्‍यक्ति .. पर जीवन सहज हो .. तो महत्‍वहीन ही होगा !!

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  2. सहज जीवन क्यों नहीं है ?
    स्वाभाविक प्रश्न - सार्थक भी
    अच्छी रचना

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  3. yahi to mujhe nahi samajh me aata .....aajkal yah bat mujhe bahut hi preshan kar rakha hai ......isi prashan ka utar khoj raha hu mai......

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  4. सुंदर सकारात्मक अभिव्यक्ति. पढ़कर अच्छा लगा.

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  5. सहज और असहज मे भेद कैसे करेंगे अगर दोनो नहीं होंगे मगर जब भी हम जरा से असहज होते हैम तो आपकी तरह प्रश्न जरूर उठते हैं बहुत सुन्दर अभिव्यक्ति है आभार्

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  6. जीवन सहज अगर हो जाये होगा नहीं विकास।
    कर्म सदा करने वालों के जीवन में विश्वास।।


    शुभकामनाओं सहित

    सादर
    श्यामल सुमन
    09955373288
    www.manoramsuman.blogspot.com
    shyamalsuman@gmail.com

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  7. शुभकामनाएं तो दे ही देनी चाहिए...

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  8. Bahut sundar! Swagat hai..!

    http://shamasansmaran.blogspot.com

    http://lalitlekh.blogspot.com

    http://kavitasbyshama.blogspot.com

    http://aajtakyahantak-thelightbyalonelypath.blogspot.com

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  9. हमारी इच्छायें ही इस असंतोष् के लिये ज़िम्मेदार हैं. इन्हें छोड कर जीयें तो यहीं स्वर्ग है यहीं आनन्द.
    चन्दर मेहेर्
    lifemazedar.blogspot.com
    avtarmeherbaba.blogspot.com
    kvkrewa.blosgpot.com

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  10. सुन्दर रचना.

    चिट्ठाजगत में आपका स्वागत है.......भविष्य के लिये ढेर सारी शुभकामनायें.

    गुलमोहर का फूल

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  11. दृष्टी बाधित ,तप है निष्फल
    द्रोपदी है, फ़िर हुई बिह्वल
    सत्य की जय रहे हरदम
    फ़िर सहज जीवन क्यों नहीं है ?
    bahut khoob ,badhai ho .

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  12. बहुत सुंदर…..आपके इस सुंदर से चिटठे के साथ आपका ब्‍लाग जगत में स्‍वागत है…..आशा है , आप अपनी प्रतिभा से हिन्‍दी चिटठा जगत को समृद्ध करने और हिन्‍दी पाठको को ज्ञान बांटने के साथ साथ खुद भी सफलता प्राप्‍त करेंगे …..हमारी शुभकामनाएं आपके साथ हैं।

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  13. आप की रचना प्रशंसा के योग्य है . आशा है आप अपने विचारो से हिंदी जगत को बहुत आगे ले जायंगे
    लिखते रहिये
    चिटठा जगत मे आप का स्वागत है
    गार्गी

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  14. nice post

    http://www.ashokvichar.blogspot.com

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  15. sundar kavita

    padhana achha laga

    meri shubhkamnayen


    कृपया वर्ड वैरिफिकेशन की उबाऊ प्रक्रिया हटा दें !
    लगता है कि शुभेच्छा का भी प्रमाण माँगा जा रहा है।
    इसकी वजह से प्रतिक्रिया देने में अनावश्यक परेशानी होती है !

    तरीका :-
    डेशबोर्ड > सेटिंग > कमेंट्स > शो वर्ड वैरिफिकेशन फार कमेंट्स > सेलेक्ट नो > सेव सेटिंग्स

    आज की आवाज

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  16. इस प्रश्न का उत्तर तो शायद स्वयं भगवान कृष्ण भी न दे सकें ...........

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